वो मुझसे वफाओं की बात करती है।
मुझपे सितम जो दिन-रात करती है।
मुझपे सितम जो दिन-रात करती है।
ना इंसान को पूजता हूँ
ना भगवान को पूजता हूँ
वतन है हिन्दुस्तां हमारा
मैं हिन्दुस्तान को पूजता हूँ।
जो है हिफाजत में खड़ा
प्राणों को हथेली पर लिए
शरहद पर जो है मर-मिटे
उस बलिदान को पूजता हूँ
वतन है ...
कट गये गर्दन भले, लेकिन
दुश्मन के आगे झूके नहीं
कोटि-कोटि है नमन उनको
ऐसे अभिमान को पूजता हूँ
वतन है हिन्दुस्तां हमारा
मैं हिन्दुस्तान को पूजता हूँ