Saturday, 9 September 2023

हाँ, भई हम बिहारी है... - अमित कुमार राजन

हाँ, भई हम बिहारी है।
मस्तमौला अनाड़ी है।

हम बड़ी जल्दी हाँ बोल देते हैं
"ठीक है" कहकर मान जाते हैं
हमें मेहनत के काम में झिझक नहीं होती
यही खातिर हम सब काम कर पाते हैं
कन्हैया भी कह गये कर्म से बड़ा धर्म नहीं
फिर हम कौन हैं 
किसी काम को छोटा बड़ा आँकने वाले
लेकिन कुछ दूर दराज के बंधु
कटाक्ष मारकर कहते हैं कि बिहारी बिमारी है
हम फिर भी बुरा नहीं मानते
काहे कि अगले ही पल कहते हैं कि
एक बिहारी सौ पर भारी है
हाँ भई! हम बिहारी है।

हम ठेला लगाते हैं तो
बच्चों को IAS/IPS भी बनाते हैं
हम भले मजदूर दिखें मगर
इंजीनियर-वैज्ञानिक भी बन जाते हैं
हो सकता है हम टेक्निकल अधिक नहीं जानते
मगर लग्न से सबसे अधिक नौकरी पाते हैं
दुनिया जानती है हमको 
हम उगते और डूबते सूरज का छठ त्योहार मनाते हैं
हमारे यहाँ गरीब भी रखते खुद्दारी है
हाँ भई! हम बिहारी है।

बिन जाने यूं ही ताना-बाना ना बूनो
बिहार से अनभिज्ञ मेरे प्यारे साथी सुनो
दुनिया को गणतंत्र सिखाया बिहार ने
बौद्ध-जैन का फूल खिलाया बिहार ने
सुक्षुत्र सर्जरी के जन्मदाता हुए
राजनीति के चाणक्य, गणित के आर्यभट्ट ज्ञाता हुए
वात्स्यायन ने कामसूत्र रच दिया
अशोक का चक्र तिरंगे में बस गया
गुरू गोविन्द का जन्म पटना साहेब सिटी है
दुनिया का प्राचीनतम विश्वविद्यालय नालंदा यूनिवर्सिटी है
बाल्मिकी ने रामायण रच बिहार का मान बढाया
बिहार को समझने कई विदेशी यात्री आया
मौलाना हक, पीर अलि, हसन इमाम हुए
अनुग्रह, जेपी, कर्पूरी, वीर कुंवर सा वीर संतान हुए
देश का पहला राष्ट्रपति हमने दिया
हमारे यहाँ दिनकर, रेणु, भिखारी ठाकुर, बिस्मिल्ला खान हुए
भक्ति में वाणावर, बोलबम के पुजारी हैं
हाँ भई! हम वही बिहारी है।